Friday, July 8, 2011
बस का चालक सोया था छत पर
कासगंज। कहते हैं कि मौत किसी न किसी बहाने से और किसी न किसी को बहाना बनाकर अपनी ओर खींच ही लाती है। ऐसा ही परिणाम बारातियों की बस का रहा। न बस का मुख्य चालक रात में वापस जाने को तैयार था और न ही वधू पक्ष के लोग, लेकिन बारातियों की मौत उन्हें खींच रही थी जो जाने की जिद पर अड़े थे।
बारातियों की बस को चला रहा सह चालक और परिचालक मुन्ना ठाकुर बस के बंद होते ही बस को स्टार्ट करने के प्रयास में जुटा। जब बस स्टार्ट नहीं हुई तो उसने बारातियों से बस में धक्का लगाने को भी कहा। लेकिन कोई भी राजी नहीं हुआ। यहां तक कि उल्टे मुन्ना से बारातियों ने गाली गलौज कर दी। इसी जद्दोजहद में छपरा एक्सप्रेस आ गई और बड़ी दुर्घटना घट गई। वीभत्स दुर्घटना के बाद ऐसे तमाम चर्चाएं उबर कर सामने आईं। वहीं पटियाली पुलिस ने रेलवे द्वारा दुर्घटना की प्राथमिकी दर्ज करा देने के बाद जांच पड़ताल शुरू की है। बस का मुख्य चालक पेशकार पुत्र रामसिंह गांव बिलारपुर थाना अलीगंज था जो बारातियों से झगड़े के बाद बस की छत पर जाकर सो गया था। जिस समय दुर्घटना घटी वह बस की छत पर सो रहा था और टक्कर में दूर छिटककर गिरा और घायल हो गया। पुलिस जांच पड़ताल में ड्राइवर के नाम की शिनाख्त हुई है, लेकिन अभी ड्राइवर पुलिस को नहीं मिला है। पटियाली पुलिस के पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज पांडे ने बताया कि पुलिस की जांच पड़ताल चल रही है।
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