Friday, July 8, 2011

टे्रन के इंजन पर लटके थे कई शव






अड़ूपुरा (कांशीरामनगर)। हर तरफ चीत्कार, लोगों की भारी भरकम भीड़, महिलाओं की चीखपुकार, रेल इंजन पर लटके लोगों के शव। यह वीभत्स नजारा ट्रेन एक्सीडेंट की हकीकत बयां कर रहा था। रेल इंजन के आगे बस के परखच्चे देख लोग बुरी तरह दहल गए। जिस किसी ने भी मथुरा-कानपुर रेलमार्ग पर पटियाली क्षेत्र के अड़ूपुरा क्रासिंग पर यह ट्रेन हादसा देखा उसकी रूह कांप गई।
अड़ूपुर के मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर रात्रि करीब दो बजे खड़ी बस को तेज गति से जा रही छपरा सुपरफास्ट एक्सप्रेस ने भीषण टक्कर मारी तो बस के परखच्चे उड़ गए। कुछ ही पलों में बस में मौजूद सवारियों के शव नजर आ रहे थे। जो जहां था वहां से हिल भी न सका। बस के आगे बैठे लोगों के शव ट्रेन के इंजन में जाकर बुरी तरह फंस गए। कुछ शव इतने वीभत्स रुप में थे कि केवल मांस के लोथड़े ही नजर आ रहे थे। प्रशासनिक अधिकारियों की तत्परता और रेलवे की रिलीफ ट्रेन पहुंचने के बाद अंधेरे में एकसाथ कई टार्चाें की रोशनी में शवों को झाड़ियों, गड्ढों से तलाशा गया। सुबह करीब साढ़े चार बजे अंधेरे को चीरकर सूरज की लालिमा का असर दिखाई दिया तो जहां-तहां पड़े लोगों के शव दिखाई दिए। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे, पुलिस अधीक्षक रतन कुमार श्रीवास्तव करीब साढ़े तीन बजे ही घटनास्थल पर पहुंच गए थे। उन्हाेंने राहत कार्य तेजी से शुरू करवाया। इससे पूर्व एएसपी दद्दनपाल, सीओ पंकज पांडे, पटियाली के इंस्पेक्टर घायलों को चिकित्सालय भेज चुके थे। पुलिस ने शवों को तलाश पोस्टमार्टम के लिए एटा भेजा। कुल 33 शव घटनास्थल पर मिले। जबकि अन्य घायलों ने चिकित्सालय में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। घटनास्थल का मंजर हादसे की वीभत्सता की गवाही दे रहे थे। कहीं बस के परखच्चे बिखरे पड़े थे कहीं बारातियों का सामान पड़ा था।

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