Friday, July 8, 2011

भीषण भिड़ंत के बाद लहराती रहीं बोगियां


अड़ूपुरा (कांशीरामनगर)। रेल हादसे के प्रत्यक्ष गवाह छपरा के यात्री थे। खूनी मंजर देख उनमें इस कदर खौफ व्याप्त था कि हर कोई ईश्वर का शुक्रिया अदा कर रहा था। रात के सन्नाटे में ट्रेन की भीषण भिड़ंत की आवाज सुनकर लोग जग गए। उनका कहना था कि ट्रेन की बोगियां करीब आधा किमी से अधिक दूर तक लहराती रही थीं। जब गाड़ी रुकी तब उनकी जान में जान आई।
दुर्घटना में हैरतअंगेज बात तो यह थी कि जब ट्रेन चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लिए तो पॉवर ब्रेक का पाइप जोड़ों से टूट गया। ऐसे में क्षतिग्रस्त बस का गार्डर इंजन के पहिए में फंस गया, जिसके सहारे धीरे-धीरे ट्रेन रुक गई। इंजन की पीछे की बोगी संख्या 90785 में यात्रा कर रहे यात्री इरशाद खान ने बताया कि जिस समय दुर्घटना घटी, वह पानी पीने के लिए उठा था कि भीषण आवाज हुई और गाड़ी लहराने लगी। धुएं का गुबार उठा। उन्हें लगा कि अब जान नहीं बचेगी। वहीं ट्रेन में मथुरा से सवार हुए सुभाष और अरविंद ने बताया कि वह दोनों लोग आपस में बात कर रहे थे कि उसी दौरान हादसा हुआ। यात्री वसीम अहमद ने बताया कि बस दुर्घटना के बाद बस के गार्डर और बस का मलबा इंजन के पहियों में फंस गया जो घिसटता हुआ इंजन के साथ आगे बढ़ रहा था। बे्रक पाइप के टूट जाने पर गार्डर की वजह से ट्रेन आगे जाकर रुक पाई। यह सब भगवान का शुक्र था, अन्यथा ट्रेन भी पलट सकती थी।

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